बसंत पंचमी की तिथि का बेहद खास महत्व होता है

बसंत पंचमी की तिथि का बेहद खास महत्व होता है, जो ज्ञान और कला की देवी को समर्पित है। इस दिन सरस्वती माता की पूजा करने का विधान है। वहीं, इस बार बसंत पंचमी बेहद खास रहने वाली है क्योंकि, इस दिन चंद्रमा का गोचर मीन राशि में होगा। साथ ही, चंद्रमा से चतुर्थ भाव […]

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नव वर्ष 2026 का संकल्प: ‘आध्यात्मिक पेरेंटिंग’ से गढ़ें बच्चों का स्वर्णिम भविष्य

श्रेणी: कला, धर्म और देशभक्तिलेखिका: मोनिका गुप्ताजैसे ही हम वर्ष 2026 की दहलीज पर कदम रख रहे हैं, चारों ओर उत्सव का माहौल है। लेकिन एक सजग माता-पिता के रूप में, क्या हमने सोचा है कि इस नए साल में हम अपने बच्चों को उपहारों के अलावा और क्या दे सकते हैं? आज के डिजिटल

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🕉️ रुद्राष्टकम – द्वितीय श्लोक

नमस्कार बच्चों और आदरणीय अभिभावकोंआप सभी का हमारे इस पावन आध्यात्मिक मंच पर हृदय से स्वागत है। आज हम रुद्राष्टकम का दूसरा श्लोकबहुत ही सरल भाषा मेंबच्चों और माता-पिता दोनों के लिए समझेंगे। 🕉️ रुद्राष्टकम – द्वितीय श्लोक श्लोक:निराकार मोंकार मूलं तुरीयं,गिराज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम् ।करालं महाकाल कालं कृपालुं,गुणागार संसार पारं नतोऽहम् ॥ 📖 WORD MEANING

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प्पाश्चात्य संस्कृति के शोर में गूंजती सनातन संस्कृति की गौरवगाथा: ‘तुलसी पूजन दिवस’

प्पाश्चात्य संस्कृति के शोर में गूंजती सनातन संस्कृति की गौरवगाथा: ‘तुलसी पूजन दिवस’लेखिका: मोनिका गुप्ता भारत की भूमि ऋषि-मुनियों और महान सांस्कृतिक विरासत की भूमि रही है। परंतु इतिहास के पन्नों को पलटें तो हम पाते हैं कि ब्रिटिश शासन काल के दौरान अंग्रेजों ने भारत पर न केवल राजनीतिक रूप से राज किया, बल्कि

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माता-पिता और बच्चों के लिए इसका आध्यात्मिक, मानसिक और संस्कारात्मक महत्व

रुद्राष्टकम् का प्रथम श्लोक: माता-पिता और बच्चों के लिए इसका आध्यात्मिक, मानसिक और संस्कारात्मक महत्व श्लोक:नमामीशमीशान निर्वाणरूपंविभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ।निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहंचिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥१॥ लेखिका: मोनिका गुप्ताSanatan Sanskaar Vidya Gurukulam प्रस्तावना: क्यों आवश्यक है बच्चों को रुद्राष्टकम् से जोड़ना? आज का युग अत्यंत तेज़, प्रतिस्पर्धात्मक और डिजिटल हो चुका है। बच्चे छोटी उम्र से

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बच्चों का आध्यात्मिक पालन–पोषण: संस्कारों से सशक्त भविष्य की ओर

धर्म | कला | संस्कार | देशभक्ति | आध्यात्मिक पालन–पोषण लेखिका: मोनिका गुप्ता बच्चे एक कोमल कमल बेल के समान होते हैं, जो सही देखभाल और उचित मार्गदर्शन से अत्यंत सुंदर रूप में फलते–फूलते हैं। जिस प्रकार कपड़े धोने के लिए साबुन और पानी—दोनों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार बच्चों के समग्र विकास के

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Rudra Mantra: Teaching Peace and Right Path to Children

🟦 धर्म–संस्कृति विशेष | Dharm–Culture Special रुद्र मंत्र: बच्चों को शांति और सही मार्ग की शिक्षा Rudra Mantra: Teaching Peace and Right Path to Children हिंदी:Sanatan Sanskaar Vidya Gurukulam में बच्चों एवं अभिभावकों के लिए रुद्र मंत्र“नमः शिवाय शान्ताय कारणत्रयहेतवे। निवेदयामि चात्मानं त्वं गतिः परमेश्वर॥”का सरल और भावनात्मक अर्थ समझाया गया। “नमः शिवाय” भगवान शिव

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Modern Gurukul Education in Kaliyuga: 10 Essential Subjects Every Child Needs

Introduction In today’s fast-changing era of Kaliyuga, academic knowledge alone is not enough for children. What they truly need is an education system that develops wisdom, character, discipline, spirituality, culture, and practical life skills together.The traditional Gurukul system was built to shape the entire personality of a child. In modern times, we can revive this

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“काली माँ और काल भैरव – सत्य, समय और सात्त्विक साधना का रहस्य”

🌺 प्रस्तावना सनातन धर्म में हर देवता और देवी का स्वरूप एक गहरी आध्यात्मिक सच्चाई को दर्शाता है।माँ काली और काल भैरव – दोनों ही ऐसे देव रूप हैं जो “काल” अर्थात समय, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं।उनका बाहरी रूप उग्र प्रतीत होता है, परंतु उनके भीतर छिपा अर्थ अत्यंत गहरा और सात्त्विक है।

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